रांची। झारखंड के गोड्डा जिले के ललमटिया इलाके में गुरुवार देर रात खदान धंसने के कारण कई मजदूर घायल हो गए। आशंका जताई जा रही है कि अभी भी 40-50 मजदूर खदान में दबे हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम पटना से रवाना हो गई है। जानकारी के मुताबिक ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) की एक खदान में मिट्टी धंसने के कारण दो दर्जन से ज्यादा गाड़ियां और उनपर सवार कई लोग दब गए। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त करीब 40 मजदूर खदान में काम कर रहे थे। इनमें से अभी तक 2 ही लोगों को बचाया जा सका है, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादस के बाद राहत एवं बचाव कार्य के लिए फिलहाल स्थानीय पुलिस और सीआईएसएफ के जवानों की मदद ली जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ की एक टीम बचाव कार्य के लिए पटना से आ रही है, जो कुछ ही समय में घटनास्थल पर पहुंच जाएगी। हालांकि अभी प्रशासनिक तौर पर किसी भी मजदूर के मरने या घायलों की कोई सूचना नहीं दी गई है। हादसा चूंकि देर रात में हुआ इसलिए अंधेरा होने के कारण बचाव कार्य में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मजदूरों के साथ-साथ 35 डंपर और कई दूसरी खुदाई की मशीनें भी जमीन में धंसने की खबर है।
कांग्रेस ने ठहराया राज्य सरकार को जिम्मेदार
राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास को हादसे की सूचना दे दी गई है और वे लगातार स्थिति एवं बचाव कार्य पर नजर बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री ने घायलों को तुरंत उपचार में मदद के लिए रांची से हेलिकॉप्टर भेजने का भरोसा भी दिलाया है। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारियों से भी बचाव कार्य में तेजी लाने को कहा है। वहीं, इस हादसे पर राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने हादसे के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य चल रहा है।
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